महासंघ कार्यालय कब्जाने की होड़ शर्मनाक

मंडी। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव एनआर ठाकुर ने कहा कि शिमला में महासंघ के कार्यालय को अपने-अपने कब्जे में करने की विभिन्न गुटों में लगी होड़ शर्मनाक है। इस होड़ को देखकर प्रदेश के अढ़ाई लाख कर्मचारी हैरान हैं। यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि असली महासंघ से नाता तोड़कर प्रदेश में जो विभिन्न गुटों को जन्म दिया है, उसके पीछे सरकार की मंशा भी ठीक नहीं है। सरकार स्वयं ही कर्मचारी गुटबाजी को हवा दे रही है। एनआर ठाकुर ने कहा कि जब मान्यता प्राप्त महासंघ सुरेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में काम कर रहा था और पिछली सरकार ने भी उनके साथ तीन संयुक्त सलाहकार समिति की बैठकें की तो वर्तमान सरकार को भी महासंघ के कार्यकाल के संपन्न होने तक उसी स्वस्थ और प्रजातांत्रिक प्रणाली का निर्वहन करना चाहिए था। जब सत्ता परिवर्तन के साथ एक गुट ने महासंघ के कार्यालय का ताला तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया तो सरकार ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने के बाद भी कानूनी कार्रवाई आज तक क्यों नहीं की। सुरेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में असली महासंघ आज भी प्रदेश में 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व कर रहा है। जबकि, महासंघ के चुनाव भी 2014 में होने तय हैं। सरकार यदि सचमुच कर्मचारी गुटबाजी पर पाबंदी लगाना चाहती है तो सुरेंद्र ठाकुर को जीसीसी बैठकों के लिए आमंत्रित करे। ठाकुर ने कहा कि महासंघ की विधिवत चुनावी घोषणा के बाद सभी कर्मचारी या विभिन्न गुट चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लें और जो जीते वही महासंघ का अध्यक्ष बने। अगर ऐसा संभव नहीं है तो सरकार को स्वयं हस्तक्षेप करके कर्मचारी संगठन के चुनाव अपनी देखरेख में करवाने चाहिए।

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